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Patriarchy in India: Understanding Gender

Patriarchy is still seen in many parts of Indian society. It affects the way women are treated and the opportunities they get in life. This article talks about how patriarchy creates gender inequality and why women should have equal rights, freedom and respect in society.

POSH एक्ट क्या है? कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून

POSH ACT and Prevention

POSH एक्ट, जिसका पूरा नाम कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 है, 9 दिसंबर 2013 को भारत सरकार द्वारा लागू किया गया कानून है। इसे आमतौर पर Prevention of Sexual Harassment at Workplace (POSH)…

POSH Act 2013 – A Complete Guide

Learn about the POSH Act, 2013, a key Indian law that protects women from workplace sexual harassment. This guide covers its provisions, complaint process, and role in ensuring a safe and equal work environment.

तलाक लेने में कितना खर्च आता है?

यदि कोई अपनी शादी से खुश नहीं है या अपनी शादी निभाने में असमर्थ हैं तो वह डाइवोर्स यानि तलाक लें सकते हैं। भारत में तलाक को लेकर कानून बनाए गए हैं। उसके बाद भी लोग तलाक लेना एक मुश्किल…

UN रिपोर्ट: दुनिया के किसी भी देश में महिलाओं को अभी तक पूर्ण कानूनी समानता नहीं

Gender equality still to be achieved

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के किसी भी देश में महिलाओं को अभी तक पूर्ण कानूनी समानता प्राप्त नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जारी इस रिपोर्ट ने रोजगार, संपत्ति अधिकार और सुरक्षा से जुड़े कानूनों में मौजूद लैंगिक असमानताओं को उजागर किया है।

भारत में LPG सिलेंडर की कमी: गैस संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर क्यों पड़ सकता है?

LPG Shortage in India and Why Women will be the Worst Hit?

भारत में LPG सिलेंडर की संभावित कमी केवल ऊर्जा संकट नहीं है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

POCSO ACT 2026: सजा, जमानत, केस वापसी और कानूनी प्रावधान की स्पष्ट जानकारी

Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO Act) बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया एक सख्त भारतीय कानून है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न या अश्लील कृत्य पर कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें लंबी जेल, आजीवन कारावास और जुर्माना शामिल हो सकता है। इसमें विशेष अदालतों द्वारा त्वरित सुनवाई, बच्चे की पहचान गोपनीय रखना और बाल-मित्र प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य किया गया है। यह कानून बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।