
यदि कोई अपनी शादी से खुश नहीं है या अपनी शादी निभाने में असमर्थ हैं तो वह डाइवोर्स यानि तलाक लें सकते हैं। भारत में तलाक को लेकर कानून बनाए गए हैं। उसके बाद भी लोग तलाक लेना एक मुश्किल प्रक्रिया समझते हैं और सोचते है की तलाक लेने में बहुत खर्च आएगा। टीवी सीरियल तथा फिल्मों में दिखाए जाने वाले डाइवोर्स के कारण लोग इसे और खर्चीला समझने लगे हैं । आपको बता दें कि तलाक लेने में अधिक खर्चा नहीं आता है। तलाक लेने में 25 हज़ार से 55 हज़ार तक क खर्च आता है। भारत में तलाक का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे: आपसी सहमति से तलाक और विवादित तलाक। इन दोनों कारणों के साथ तलाक लेने का खर्च वकील की फीस, शहर और कोर्ट फीस पर भी निर्धारित करता है। आइये विस्तार से जानते हैं की तलाक लेने में कितना खर्च आता है?
आपसी सहमति से तलाक लेने में कितना खर्च आता है?
आप तलाक दो तरीकों से ले सकते हैं 1. आपसी सहमति से तलाक 2. विवादित तलाक
अब बात आती की कौनसे तरीके से तलाक लेने में कितना खर्च आता है? आपको बता दें की यदि आप आपसी सहमति से तलाक से लेते है तो यह काफी सस्ता और आसान तरीका होता है। आपसी सहमति से तलाक में पति-पत्नी दोनों सहमत होते हैं। आपसी सहमति से तलाक लेने में लगभग 20 हज़ार से 50 हज़ार खर्च आता है। आइये विस्तार से जानते हैं की आपसी सहमति से तलाक में कितना खर्च आएगा?
- वकील की फीस – 10 हज़ार से 30 हज़ार (शहर और वकील के अनुभव पर आधारित)
- कोर्ट फीस – 100 रुपये से 1500 रुपये तक
- कुल खर्च – 20 हज़ार से 50 हज़ार (लगभग)
विवादित तलाक लेने में कितना खर्च आता है?
विवादित तलाक तब होता है जब दोनों पक्ष (पति-पत्नी) सहमत नहीं होते हैं। विवादित तलाक आपसी सहमति से तलाक की तुलना में काफी लंबा और खर्चीला होता है। विवादित तलाक में बच्चे की कस्टडी, गुजारा भत्ता या संपत्ति विवाद आदि जैसे कारक शामिल होते हैं। जो इसे विवादित बनाते हैं। विवादित तलाक में कई सुनवाई होती हैं, जिस कारण इसका खर्च बढ़ता जाता है। विवादित तलाक लेने में 50 हज़ार से 5 लाख तक का खर्च होता हैं। नीचे डिटेल में विवादित तलाक लेने का खर्च बताया गया है।
- वकील की फीस – 50-55 हज़ार से 5 लाख तक
- कोर्ट फीस – 1 हज़ार रुपये से 5 हज़ार रुपये
- कुल खर्च – 1 लाख से 10 लाख
तलाक लेने में कितना खर्च आता है?: अतिरिक्त खर्च
तलाक लेने में केवल कोर्ट फीस और वकील फीस का ही खर्च नहीं होता इसके अतिरिक्त भी तलाक लेने में खर्च होता है। जैसे:
- गुजारा भत्ता/अलीमोनी – यह पति/पत्नी दोनों को देना पड़ सकता है। यह लाखों तक भी होता है।
- बच्चे की कस्टडी
- प्रॉपर्टी का बंटवारा
तलाक खर्च कम करने के उपाय
यदि आप तलाक लेना चाहते हैं और आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है तो आप कुछ उपाय करके तलाक के खर्च को कम कर सकते हैं।
- तलाक खर्च कम करने के लिए सबसे पहला उपाय है कि आप आपसी सहमति से तलाक लेने की कोशिश करें। आपसी सहमति से तलाक लेना काफी सस्ता होता है और इसमें परेशानी भी कम होती है।
- आप महंगे कोर्ट के स्थान पर लोक अदालत या मध्यस्थता का सहारा लें सकते हैं यह मुफ्त या काफी सस्ती होती है।
- लीगल एड सर्विसेज का उपयोग करना। अगर आप आर्थिक रूप से कमजोर है तो निशुल्क वकील, कानूनी सलाह और दस्तावेज तैयार कराने जैसी सुविधाएं प्रदान की जा सकती है।
